Entertainment

लौट आया बचपन

लौट आया बचपन

स्टोरीज़ आपके परिवार या परिवेश की ही एक कल्पना है। यहीं से उदाहरण के रूप में कुछ कहानी प्लॉट्स लिए जाते हैं। यदि हम बात करें आज के परिवेश की तो समाज में पेरेंट्स की भूमिका महत्वपूर्ण हो गई है। संस्कार भी ज़रूरी हैं लेकिन आवश्यक है कि फैमिली वैल्यूज़ बच्चों तक ज़रूर...

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आज़ादी और अधिकार

आज़ादी और अधिकार

स्टोरीज़ को हम किसी घटना का एक पहलू भी मान सकते हैं और एक विचार भी। विचारों की परंपरागत उलझन निरंतर हमारे साथ चलती रहती है। इसे हम किसी भी माध्यम से प्रकट कर सकते हैं। फिर चाहे वह कोई कहानी हो या कोई लेख। वीमेन एम्पॉवरमेंट भी एक ऐसा ही विषय है। अपने अनेक लेखों के...

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कौन गुनहगारॽ

कौन गुनहगारॽ

स्टोरीज़ कई बार कुछ ऐसा कह जाती हैं जो आप सोच भी नहीं सकते। आपके मन के जज़्बात, कुछ ऐसी भावनाएं जो व्यक्त न हो सके। इस कहानी में भी आप ऐसा ही कुछ पायेंगे। किसी व्यक्ति की हैबिट (आदत) पूरे परिवार को बर्बाद कर सकती है। आप भी श्री बलविंदर बालम जी की ये शॉर्ट स्टोरी पढ़िए,...

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मशवरे का आशीर्वाद

मशवरे का आशीर्वाद

स्टोरीज़ आपसे ऐसा बहुत कुछ कह जाती हैं जो हम सिर्फ भावनाओं में रखते हैं। कभी जीवन में किसी की एडवाइस आपके जीने के रुख को ही मोड़ देती है। ऐसे में लाइफ प्रॉब्लम्स अपने आप दूर होती जाती हैं। इसके पीछे होता है किसी का सही मशवरा। बलविंदर बालम सिंह की इस कहानी को पढ़कर आपको...

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महापुरुष

महापुरुष

कुछ स्टोरीज़ हमारे वास्तविक जीवन से बहुत अधिक जुड़ी हुई होती हैं। ऐसा लगता है कि वो कहानी न होकर एक तस्वीर हो जो हमारे अक्स को सामने ला रही हो। हमारी सोसाइटी में ऐसे अनेक लोग मौजूद हैं जो केवल अपने लिए न जीकर लोगों के लिए जीते हैं। ऐसे ही एक महापुरुष पर केन्द्रित है ये...

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अंजान-सा शहर है ये

अंजान-सा शहर है ये

इंसान के जीवन में ऐसे अनेक हालात आते हैं जब वो खुद को बेबस महसूस करता है। ऐसे में एक साक्षात्कार होता है खुद के साथ। लिटरेचर के इस क्रम, मतलब कविता के माध्यम से कवि ने इसी तरह की लाइफ सिचुएशन को व्यक्त किया है। है रात या कहर है ये, मीठा-सा एक ज़हर है ये, हूं ढूंढता खुद...

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आई लव यू…..पापा

आई लव यू…..पापा

एंटरटेनमेंट का एक अच्छा ज़रिया होती है कहानी, इससे आप कभी भी बोर नहीं होते हैं। हर एक नई कहानी आपको कुछ न कुछ सिखाती ज़रूर है। जिस तरह ये कहानी जो आप पढ़ने जा रहे हैं। ये पिता और बेटी के रिलेशनशिप के बारे में आपको एक भावुक सन्देश देगी। आइये इस कहानी का आनंद उठाते हैं।...

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जीवन की बुनियाद हमारे बुज़ुर्ग

जीवन की बुनियाद हमारे बुज़ुर्ग

आपके सामने ये जो आर्टिकल है वो हमारी सोसाइटी की एक बानगी है। किस तरह से हमारे समाज बदल रहा है। हर बात में लोगों का कन्सेप्शन अलग हो चुका है। ओल्ड पीपल मतलब बुज़ुर्गों के लिए भी आज के युवाओं के विचार भयभीत करते हैं। इस लेख को पढ़कर आपकी स्थिति और स्पष्ट हो जायेगी। आज...

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रोटी वाली दीदी

रोटी वाली दीदी

एंटरटेनमेंट के अलावा आप देखें तो देश में और भी समस्याएं हैं। यदि वीमेन एम्पॉवरमेंट की बात की जाये तो इसकी देश व दुनिया को बहुत ज़रूरत है। इस आर्टिकल को पढ़कर आप इस बात को अच्छे से समझ सकेंगे। देश व समाज से न गरीबी कम होती दिख रही है, न महंगाई और न बेकारी। मज़बूरी भी चरम...

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आदर्श बी.ए. बहू

आदर्श बी.ए. बहू

स्टोरीज़ एक नहीं इंसान के हजारों रूपों को सामने लाकर खड़ी करती है। फिक्शन पर आधारित जो कहानी आप पढ़ने जा रहे हैं, वह एक महिला के इर्दगिर्द घूमती कथा है। महिला एक समाज को कैसे बदल सकती है, इसके लिए ज़रूर पढ़िए ये कहानी। एक रिटायर्ड जज हैं। कहा जाता है कि उन्होंने कभी रिश्वत...

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दया का मूल्य

दया का मूल्य

स्टोरीज़ आपको मानवीय गुणों के उन पहलुओं से परिचित करवाती है जो आपको कहीं न कहीं छू जाएं। फिक्शन पर आधारित ये कहानी आपको ऐसे ही कुछ विचार देगी। काइंडनेस मतलब दयालुता का क्या अर्थ है आप इसकी सहायता से समझ सकते हैं। तो ज़रूर पढ़ें कहानी दया का मूल्य। बंगाल में एक गरीब बालक,...

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मेरे ऑफिस के पहुंचे हुए

मेरे ऑफिस के पहुंचे हुए

एंटरटेनमेंट के अनेक सोर्स होते हैं। फिर आप कोई फिल्म देखें या कोई कहानी पढ़ें। हिंदी साहित्य की विभिन्न विद्याओं में सटायर का अपना महत्व है। आज आप जो व्यंग पढ़ने जा रहे हैं वह सेल्फ सेंटर्ड लोगों पर आधारित है। ऐसे लोग जो स्वयं अपनी महिमा का गुणगान करते हैं। देखिये कहीं...

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जब एक रिक्शे वाले ने मेरी झोली भर दी

जब एक रिक्शे वाले ने मेरी झोली भर दी

स्टोरीज़ में हमारी दुनिया सिमटी हुई रहती है। अब आप इस कहानी को ही ले लीजिये। सोशल इश्यू पर आधारित ये फिक्शन मानवीय मूल्यों का एक खाका है। तो आप भी आनंद उठाइये इस कहानी का। सन् 2005, मई माह का एक गर्म दिन। मैं अपने निवास स्थान के बाहर, सड़क पर खडे़ होकर, एक्यूप्रेशर...

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प्रेम और एतबार

प्रेम और एतबार

स्टोरीज़ जो आपको कुछ सोचने पर मजबूर कर दे। इसी कड़ी से जुड़ रही है फिक्शन पर आधारित ये शॉर्ट स्टोरी। जिसकी बुनियाद फेथ पर टिकी है। किसी का विश्वास एक रिश्ते को कैसे ऊंचाई देता है आइये जानते हैं.... मीनू अपने शरीर के भारीपन को महसूस कर रही थी। एक दो बार दिनेश ने टोका भी...

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इंतजार कब तक

इंतजार कब तक

स्टोरीज़ हमारे मन की ज़ुबान बनकर एक अलग रूप में प्रकट होती हैं। एक व्यक्ति के इमोशन्स पर आधारित ये फिक्शन भी कुछ ऐसा ही बयां कर रहा है। ये कहानी मैरिड लाइफ की एक सच्ची तस्वीर है। इसे ज़रा पढ़कर देखिये, आपका अनुभव कैसा रहता है...... बालकनी में चाय पीने बैठा हूं एक बार को...

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