ये कारण हो सकते हैं महिलाओं में होने वाले बैक पेन के

by | Aug 27, 2019 | Health, Self Care | 0 comments

सेल्फ केयर का मतलब सबके लिए एक ही है, लेकिन महिलाएं इससे फिर भी अलग हैं। जब कोई समस्या जाती है तभी खुलती है उनकी नींद। अब आप मामूली-सा होने वाला बैक पेन ही ले लीजिये। पीठ के निचले भाग में होने वाली वेदना महिलाओं में इन दिनों काफी आम हो चुकी है। ये दर्द लोअर बैक पेन के रूप में भी अपनी जड़ें मज़बूत कर रहा है। इस समस्या की सबसे बड़ी वजह अनियमित दिनचर्या, खान-पान की गलत आदतें, तनाव तथा असामान्य स्थिति में बैठना-उठना है। हो सकता है पीरियड पेन भी एक लक्षण उभरकर सामने आये। अब होने को तो कुछ भी हो सकता है। लेकिन जानना ज़रूरी है कि आपका बैक पेन कोई बड़ी समस्या तो नहीं है। आइये इस बारे में थोड़ी पड़ताल की जाये।

आपका रहन-सहन ज़िम्मेदार हो सकता है बैक पेन का

मांसपेशियों में तनाव या खिंचाव का होना बहुत ही आम कारण है। कई बार गलत तरीके से अपनी क्षमता से अधिक वज़न उठाने से बैक पेन हो सकता है। इसके अलावा अचानक उठने या चलने से कमर झुक जाती है। इससे शरीर की मांसपेशियों में ऐंठन आ जाती है और दर्द होने लगता है।

जिन महिलाओं को बैठे रहने वाला काम ज़्यादा करना होता है उनमें भी कमर दर्द की शिकायत होती है। जो महिलाएं ज़्यादा वज़न की होती हैं विशेष रूप से जिनका पेट बढ़ा हुआ होता है। उनमें भी बैक पेन की पीड़ा अक्सर होती है।

इन कारणों से होता है बैक पेन

आयुर्वेद में सभी रोगों की उत्पत्ति का कारण जठराग्नि की विकृति को बतलाया गया है। भोजन ठीक से न पाचना या पुनः भोजन से उत्पन्न अजीर्ण भी बैक पेन का कारण होता है। मेरुदण्ड को विकृत करने वाली व्याधियां जैसे सायटिका, ऑस्टियोपोरोसिस, स्पॉन्डिलायटिस भी कमर दर्द का कारण होते हैं। डिस्क के खिसकने से या पीठ में चोट लगने पर या फिर उम्र बढ़ने पर भी कमर में दर्द होता है। गर्भाशय में संक्रमण होने पर, मासिक पूर्व या मध्य में भी यह पीड़ा होती है।

लोअर बैक पेन भी मुश्किल करता है जिन्दगी को

देखिये बैक पेन का कोई एक स्थान नहीं होता। कभी ये पीठ के ऊपर तो कभी लोअर बैक पेन के रूप में होता है। लोअर बैक पेन का दर्द भी कम खतरनाक नहीं होता। इसी वजह से इसके सही-सही कारण का पता लगाना अत्यंत आवश्यक है। जब तक कारण ज्ञात न हो, उपचार से आराम नहीं मिल सकता है। फलस्वरूप पीठ, पेट आदि का अच्छी तरह से परीक्षण करवाना चाहिए। यदि कारण गंभीर हो तो तुरंत चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए। लेकिन महिलाएं अक्सर बैक पेन को अनदेखा करती हैं। वह लोअर बैक पेन को मासिक धर्म के साथ जोड़कर देखती हैं। जो उनके लिहाज़ से सामान्य बात है।

पीरियड पेन समझकर अनदेखा न करें बैक पेन को

जी हां महिलाएं एक लंबा समय यही सोचने में निकाल देती हैं कि यह पीरियड पेन का लक्षण है। पीरियड पेन में अक्सर इसी तरह का दर्द रहता है। लेकिन आपको पीरियड होने के बाद भी समस्या बनी रहती है तो डॉक्टर को दिखाना उचित रहता है। पीरियड पेन तो एक समय के बाद अपने आप ठीक हो जाता है। लेकिन समस्या कुछ और है तो फिर आपको सावधान रहने की ज़रूरत है।

किस तरह दूर हो बैक पेनॽ

जीवन में होने वाले मानसिक तनाव में प्राणायाम, ध्यान एवं मन को शांत करने वाली प्रक्रियाओं को अपनाना चाहिए। इसके अलावा अधिक देर तक एक ही स्थिति में बैठने से बचना चाहिए। इस हेतु बीच-बीच में हल्का चलना-फिरना चाहिए। अपनी क्षमता या शक्ति से अधिक वज़न की वस्तुओं को नहीं उठाना चाहिए। साथ ही गलत ढंग से नहीं बैठना चाहिए। हमेशा सीधा बैठना चाहिए न कि झुककर बैठना चाहिए।

आज की परिस्थिति में रोगों के होने का कारण अनियमित जीवन शैली एवं खान-पान है। अतः जीवन शैली में बदलाव कर हम निरोगी रह सकते हैं। आसनों एवं प्राणायाम का समावेश कर स्वास्थ्य के लिए समय निकालकर कई व्याधियों से बचा जा सकता है।

बैक पेन किस तरह से महिलाओं के लिए समस्या पैदा कर सकता हैॽ इस विषय पर आधारित पोस्ट आपको पसंद आई हो तो इसे शेयर करें। कमेंट सेक्शन में अपने विचार लिखें और पोस्ट को रेटिंग देना न भूलें।

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