ब्रैस्ट कैंसर डाइट : क्या खाएं और क्या नहीं?

by | Oct 16, 2019 | Diet, Health | 0 comments

ब्रैस्ट कैंसर जोखिम कारकों के विस्तृत स्पेक्ट्रम के साथ एक जटिल बीमारी है। पारिवारिक इतिहास (आनुवंशिकी) और बढ़ती उम्र जैसे कारकों को नहीं बदला जा सकता है। आपको ये जानकर आश्चर्य होगा कि भोजन भी इसमें एक बड़ी भूमिका अदा करता है। यदि सही ब्रैस्ट कैंसर डाइट का प्रयोग किया जाये तो चीज़ें काफी हद तक ठीक हो सकती हैं। हम ये दावा तो नहीं करते कि इससे बीमारी जड़ से ख़त्म हो जाती है। लेकिन इससे ब्रैस्ट कैंसर के विस्तार की गति धीमी की जा सकती है या रोकी जा सकती है। ज़रूरी है कि आप गुड फैट्स के साथ फाइबर युक्त चीज़ों का भी प्रयोग करें। इस बारे में आपको और अधिक जानकारी दे रही हैं आदित्य बिड़ला मेमोरियल हॉस्पिटल पुणे​ की क्लिनिकल न्यूट्रीशनिस्ट डॉक्टर तेजस लिमये।

ब्रैस्ट कैंसर होने पर ताज़ा तैयार घर का खाना ही खाएं

यह बाहर के भोजन या पैकेज्ड फूड की तुलना में हाइजीनिक रूप से सुरक्षित और पोषक रूप से स्वास्थ्यवर्धक है। यह विटामिन और एंटीऑक्सिडेंट में समृद्ध है। हम घर के बने भोजन में तेल, नमक, चीनी के प्रकार और मात्रा को नियंत्रित कर सकते हैं। ऐसा बाहरी भोजन के साथ नहीं किया जा सकता है। ब्रैस्ट कैंसर में ये सबसे महत्वपूर्ण सावधानी है जो आपको रखना है।

शाकाहारी भोजन से दूर करें ब्रैस्ट कैंसर की जटिलता

पादप आधारित खाद्य पदार्थ ब्रैस्ट कैंसर के खतरे को लगभग 15% तक कम कर सकते हैं। आहार में गहरे हरे पत्ते वाली सब्जियां और नारंगी-पीले रंग के फल और सब्जियां को प्राथमिकता दें। ऐसे खाद्य पदार्थों में बीटा कैरोटीन ब्रैस्ट कैंसर के जोखिम को कम करने से जुड़ा हुआ है। यह कैंसर कोशिकाओं के विकास को भी रोकता है। यह सुझाव है कि दैनिक आहार में फलों और सब्जियों की न्यूनतम 5-6 सर्विंग्स (सब्जियों के 2 सर्विंग, सलाद के 2 सर्विंग और 1-2 फलों की सर्विंग) को शामिल किया जाना चाहिए।

फाइबर युक्त खाद्य पदार्थ शामिल करें

एस्ट्रोजन की अधिकता को स्तन कैंसर के लिए एक जोखिम कारक माना जाता है। फाइबर से भरपूर आहार शरीर से अतिरिक्त एस्ट्रोजन को हटाने में मदद करता है। फाइबर अन्य विषाक्त पदार्थों और अपशिष्ट उत्पादों को खत्म करने में भी मदद करते हैं। फलियाँ, बीन्स, साबुत अनाज, फल, सब्जियां, जड़ी-बूटियाँ जैसे खाद्य पदार्थों में घुलनशील और अघुलनशील फाइबर अच्छी मात्रा में होते हैं।

गुड फैट्स शामिल करें

अत्यधिक वसा के सेवन से मोटापा हो सकता है जो स्तन कैंसर के लिए एक जोखिम कारक है। साथ ही शरीर को आहार में गुड फैट्स की आवश्यकता होती है जैसे कि ओमेगा -3 फैट। ओमेगा-3 फैट को ब्रैस्ट कैंसर के खिलाफ सुरक्षा प्रदान करने वाला पाया गया है। ओमेगा -3 फैट प्राप्त करने के लिए फ्लैक्ससीड्स, कद्दू के बीज, अखरोट और ठंडे पानी की मछली शामिल करें। कम वसा वाले दूध और दूध उत्पादों जैसे स्किम्ड दूध या टोन्ड दूध, दही और पनीर को प्राथमिकता दें। मलाई, मक्खन और खोआ से परहेज करें। तेल का मासिक सेवन प्रति व्यक्ति 500 मिलीलीटर तक सीमित करें। तो आपको गुड फैट्स को अपनी डाइट का हिस्सा बनाना है।

ब्रैस्ट कैंसर डाइट के लिए डॉक्टर की सलाह लें

ज़रूरी है कि ब्रैस्ट कैंसर डाइट के लिए आप डॉक्टर की सलाह लें। क्योंकि वो ये आपको ज़्यादा अच्छे से बता सकेंगे कि ब्रैस्ट कैंसर डाइट में क्या लिया जा सकता है और क्या नहीं। ब्रैस्ट कैंसर डाइट आपकी सारी मुश्किलों को आसानी से कम कर सकती है।

प्लास्टिक के बर्तनों और रैप के उपयोग से बचें

जब खाना या पानी प्लास्टिक के बर्तनों या बोतलों में रखा जाता है, तो उसमें प्लास्टिक घुलता है। यह बहुत हानिकारक हो सकता है और कई कैंसर की शुरुआत को ट्रिगर कर सकता है। माइक्रोवेव ओवन में भोजन को ढंकने और प्लास्टिक के बर्तनों के उपयोग के लिए प्लास्टिक रैप्स/ फॉयल के उपयोग से बचने की भी सिफारिश की गई है।

कृत्रिम रंगों, स्वाद और स्वीटनर से बचें

ये एडिटिव्स रेडी टू ईट या पैकेज्ड या रोडसाइड फूड में मौजूद होते हैं। वे भोजन की अपीयरेंस, टेक्सचर और स्वाद को बढ़ाने के लिए डाले जाते हैं लेकिन स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होते हैं।

भोजन को न ओवर प्रोसेस करें, न पकाएं

छीलने, काटने, ओवरकुकिंग जैसी प्रोसेसिंग से भोजन से फाइबर निकल जाते हैं। उच्च तापमान पर खाना पकाने और लंबे समय तक खाना पकाने से भोजन में विटामिन और एंटीऑक्सिडेंट नष्ट हो जाते हैं। तलने के लिए बार-बार बचे हुए तेल का उपयोग करना हानिकारक ट्रांस फैट उत्पन्न करता है। इस प्रकार कम से कम प्रोसेस्ड भोजन करना सबसे अच्छा विकल्प है!

शराब से बचें

शराब शरीर में एस्ट्रोजन के स्तर को बढ़ाती है और स्तन कैंसर के खतरे को बढ़ाती है। यह बताया गया है कि जो महिलाएं प्रति सप्ताह 3 मादक पेय पीती हैं उनमें स्तन कैंसर के विकास का 15% अधिक जोखिम होता है और प्रत्येक अतिरिक्त पेय के साथ जोखिम 10% तक बढ़ जाता है।

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डाइट जुड़ी अन्य जानकारी के लिए हमारे हेल्थ सेक्शन को ज़रूर देखें। इसी तरह की अन्य जानकारी के लिए निरोग दर्पण के ब्रैस्ट कैंसर और डाइट एंड फिटनेस सेक्शन को भी ज़रूर विज़िट करें।

Dr. Tejas Limaye

Dr. Tejas Limaye

M.Sc. Ph. D. RD, क्लिनिकल न्यूट्रिशनिस्ट

M.Sc. Ph.D. RD,  क्लिनिकल न्यूट्रिशनिस्ट, आदित्य बिरला अस्पताल पुणे