हर उम्र के अनुसार अलग हो ब्रैस्ट केयर

by | Nov 25, 2019 | Fitness, Health | 0 comments

फिटनेस के लिए ज़रूरी है कि आप अपनी सेहत के प्रति पूरी तरह समर्पित हों। अपने शरीर की मंदिर की तरह देखभाल करेंगी तो आपको कभी कोई समस्या नहीं होगी। लेकिन इसकी अनदेखी आपको ही परेशानी में डाल देगी। बात चाहे पुरुषों की हो या महिलाओं की। ध्यान तो अपना रखना ही पड़ता है। हर उम्र में महिलाओं के लिए देखभाल के तरीके भी बदल जाते हैं। फिर उम्र के हिसाब से तो ब्रैस्ट केयर भी बदलना चाहिए। एक किशोरी से प्रौढ़ होने तक महिला में काफी बदलाव होते हैं। साथ ही उसके शरीर में भी परिवर्तन होते हैं। ऐसे में सबसे ज़्यादा ज़रूरी होता है ब्रैस्ट केयर पर ध्यान देना। जी हां समय के साथ आपके ब्रैस्ट साइज़ में भी बहुत बदलाव देखे जाते हैं। अगर आप इस पर सही तरह से ध्यान दें तो ब्रैस्ट कैंसर जैसी बीमारी से बच सकते हैं। ब्रैस्टफीडिंग करवाकर, ब्रैस्ट एक्सरसाइज़ेज़ और सही ब्रा साइज़ इसमें आपकी काफी मददगार होती है। उम्र के अनुसार आपको मेमोग्राम टेस्ट भी करवाना चाहिए। इन सब बातों को ध्यान में रखें और एक सुरक्षित जीवन बिताएं।

किशोरावस्था से बच्चियों को बताएं ब्रैस्ट केयर के बारे में

बड़ी होती बच्चियों को ब्रैस्ट केयर से जुड़ी जानकारी ज़रूर दें। क्योंकि कम उम्र से ही ब्रैस्ट केयर की जायेगी तो आगे जाकर बहुत अच्छा होगा। इस बारे में बात करने पर संभव है कि लड़कियां झिझकें। लेकिन सही तरीके से इस बारे में बात ज़रूर करें। आखिर ये उनकी हेल्थ से जुड़ा विषय है। इस कड़ी में सबसे पहले आता है सही ब्रा साइज़ का विषय। शुरुआत से ही आप लड़कियों को सही ब्रा पहनाएंगी तो आगे जाकर उन्हें समस्या नहीं आएगी।

उम्र के साथ बदलती है ब्रैस्ट केयर भी

आपको उम्र के अनुसार भी ब्रैस्ट केयर के तरीकों को बदलना चाहिए। जैसा हमने बताया कि ब्रैस्ट साइज़ बदलने से आपको उसी तरह से देखभाल करना होगी। 12-20 साल तक ब्रैस्ट केयर अलग तरीके से होती है। 20-35 साल तक बहुत कुछ बदल जाता है इसलिए ब्रैस्ट केयर भी बदल जाती है। क्योंकि इसी बीच आपकी शादी होती है, बच्चे होते हैं तो बदलाव तो होता ही है। फिर ब्रैस्टफीडिंग करवाने से भी स्तनों में परिवर्तन होता ही है। 35 साल के बाद आपको ब्रैस्ट केयर का ज़्यादा ध्यान रखना चाहिए। क्योंकि इस दौरान आपके शरीर में परिवर्तन तेज़ी से होते हैं।

नियमित रूप से करें ब्रैस्ट एक्सरसाइज़ेज़

अगर आप नियमित रूप से ब्रैस्ट एक्सरसाइज़ेज़ करती हैं तो गंभीर बीमारी होने का खतरा कम हो जाता है। इसके लिए आप किसी फिटनेस एक्सपर्ट से ब्रैस्ट एक्सरसाइज़ेज़ के बारे में पूछ सकती हैं। ब्रैस्ट एक्सरसाइज़ेज़ से आपका पूरा फ़िगर मैंटेन रहता है। आप कईं महिलाओं को देखिये उम्र का असर उनके फिगर पर नहीं होता। इसका कारण सही ब्रैस्ट एक्सरसाइज़ेज़ हैं।

बच्चों को ब्रैस्टफीडिंग ज़रूर करवाना चाहिए

जब भी आप मां बनती हैं अपने बच्चों को ब्रैस्टफीडिंग करवाना न भूलें। ब्रैस्टफीडिंग से महिलाओं में ब्रैस्ट कैंसर का खतरा बहुत कम हो जाता है। साथ ही ब्रैस्टफीडिंग बच्चे और मां दोनों के लिए फायदेमंद होती है।

सही ब्रा साइज़ का ही प्रयोग करें वर्ना ब्रैस्ट कैंसर हो सकता है

किसी भी समस्या से बचने के लिए सबसे ज़रूरी है सही ब्रा साइज़। लेकिन 50% महिलाओं को पता ही नहीं कि सही ब्रा साइज़ होती क्या है। गलत ब्रा साइज़ के कारण स्तनों में सूजन और दर्द हो सकता है। यही नहीं इससे ब्रैस्ट कैंसर की संभावना भी बढ़ जाती है। इसलिए ब्रैस्ट केयर में इस बात का भी ध्यान रखें।

मेमोग्राम करवाना न भूलें

35 साल के बाद महिलाओं को मेमोग्राम ज़रूर करवाना चाहिए। क्योंकि इस समय ब्रैस्ट साइज़ में तेज़ी से बदलाव होते हैं। मेमोग्राम एक तरह से स्तनों का परीक्षण होता है। इससे किसी संभावित बीमारी से जुड़ी जांच की जाती है। ध्यान रखें कि मेमोग्राम तब ज़रूर करवाएं जब आपके परिवार में ब्रैस्ट कैंसर अनुवांशिक हो। तो इन सब तरीकों से आप हर उम्र के अनुसार ब्रैस्ट केयर करें और सुरक्षित रहें।

उम्र के अनुसार ब्रैस्ट केयर पर आधारित ये पोस्ट आपको पसंद आई हो तो इसे शेयर करें। कमेंट सेक्शन में अपने विचार लिखें और पोस्ट को रेटिंग देना न भूलें।

फिटनेस से जुड़ी अन्य जानकारी के लिए आप हमारे हेल्थ सेक्शन को ज़रूर देखें। इसी तरह की अन्य जानकारी के लिए आप निरोग दर्पण के सेल्फ केयर सेक्शन को भी ज़रूर विज़िट करें।