क्या इमोशनल ईटिंग है वेट गेन की वजहॽ

by | Jun 24, 2019 | Diet, Health | 0 comments

डाइट आपके दैनिक जीवन में बहुत मायने रखती है। आप क्या खा रहे हैं इसका असर आपके स्वास्थ्य पर भी होता है। आप यह भी देखिएगा आपके खाने-पीने में बदलाव करने से आपकी सेहत सुधरती है। लेकिन क्या आप यह भी जानते हैं कि आपका स्वभाव भी आपके खाने की आदत को प्रभावित करता है। हम यहां बात कर रहे हैं इमोशनल ईटिंग की। इसे एक तरह की फ़ूड क्रेविंग में शामिल किया जाता है। लेकिन यह नकारात्मक ओवेरईटिंग होती है। हां आप इसे एक तरह का ईटिंग डिसऑर्डर्स ज़रूर मान सकते हैं। लेकिन इससे होने वाला वेट गेन आपको प्रभावित अवश्य करता है। आइये इस बारे में विस्तार से जानते हैं।

क्या होती है इमोशनल ईटिंगॽ

इस बात को समझने के लिए आपको खाने की आदत के स्वरुप को पहचानना होगा। साधारण शब्दों में पेट भरा होने के बाद भी ओवरईटिंग करना इमोशनल ईटिंग कहलाता है। देखिये भूखे होने पर फ़ूड क्रेविंग्स तो सभी को होती है। लेकिन खाने के बाद भी आप किसी चीज़ को लगातार खा रहे हैं तो यह कहलाती है इमोशनल ईटिंग। इस आदत को बदलना इतना आसान नहीं होता। व्यक्ति जानबूझकर ऐसा नहीं करता। लेकिन जब इस समस्या में वह कुछ खा लेता है तो अच्छा महसूस करता है।

किसे हो सकती है इमोशनल ईटिंग की समस्याॽ

वैसे यह कह पाना बहुत मुश्किल होता है। इमोशनल ईटिंग का शिकार कोई भी हो सकता है। क्योंकि जब व्यक्ति किसी तरह की चिंता में होता है तो इमोशनल ईटिंग की ओर प्रवृत होता है। इससे ओवरईटिंग की समस्या भी बढ़ जाती है। ज़रूरी नहीं कि सब व्यक्ति ज़्यादा खाने से ही मोटे हों। हां लेकिन यह एक बड़ा कारण ज़रूर होता है। ईटिंग डिसऑर्डर्स की यह परेशानी किसी भी उम्र में हो सकती है। लेकिन देखा जाये तो महिलाओं में यह परेशानी ज़्यादा होती है।

क्यों होती हैं महिलाओं में ईटिंग डिसऑर्डर्स की समस्याॽ

अभी जैसे हमने मेंशन किया कि महिलाओं में ईटिंग डिसऑर्डर्स की परेशानी ज़्यादा होती है। इसका कारण है कि महिलाएं अधिक भावुक और सेंसिटिव होती हैं। अपनी परेशानी को दूर करने के लिए वह रास्ता ढूंढती हैं। वह रास्ता नज़र आता है खाने में। जबकि पुरुषों के साथ उल्टा होता है वह गुस्से और फस्ट्रेशन में खाने से दूर भागते हैं। स्थितियां दोनों ही ठीक नहीं होती हैं। लेकिन फिर भी ओवरईटिंग वेट गेन के लिए ज़िम्मेदार होती है। आप तो जानते ही हैं कि मोटापा तो वैसे भी अनेक बीमारियों की जड़ होता है।

वेट गेन का कारण क्या इमोशनल ईटिंग हो सकता हैॽ

जाहिर-सी बात है होगा ही। बिना भूख के जब आप खाते जायेंगे तो समस्या तो आएगी ही। एक तो टेंशन ऊपर से ओवरईटिंग, ऐसे में वेट गेन तो होगा ही। अब आपको यह बताने की ज़रूरत नहीं है कि वेट गेन से क्या समस्या हो सकती है। कई बार लोग इमोशनल ईटिंग के कारण इतना वेट गेन कर लेते हैं कि वह कम नहीं होता। फिर सर्जरी ही उस बढ़े वज़न को कम करने में मददगार होती है।

महिलाओं के साथ अक्सर यह समस्या आती है। वह अपने मन की भावनाओं को नियंत्रित नहीं कर पाती हैं और ओवरईटिंग करती हैं। बाद में उन्हें इसके दुष्परिणाम भुगतने पड़ते हैं। वेट गेन करना तो बहुत आसान है, लेकिन उसे कम करना मुश्किल है।

कैसे रोकें ओवरईटिंग कोॽ

मान लीजिये आप अभी अवसाद के दौर से गुज़र रही हैं। ऐसे में फ़ूड क्रेविंग्स का बढ़ना लाज़मी है। तो आप भी चाहेंगी कि कैसे भी खाने की लत को दूर कर दिया जाये। ऐसे में आपको थोड़ा धैर्य रखना होगा। खाना खाने के बाद यदि भूख लगती है तो ऐसी फ़ूड क्रेविंग्स को आपको हराना है। इस समय आप अपनी पसंद का कोई काम कीजिये। या फिर थोड़ी देर के लिए कहीं बाहर निकल जाइये। आपको इमोशनल ईटिंग को रोकने के लिए कुछ तो करना ही पड़ेगा। वर्ना वेट गेन अनेक शारीरिक समस्याओं को जन्म देगा।

तो आप भी खुद को सुरक्षित रखें और इमोशनल ईटिंग से दूर रहें। इमोशनल ईटिंग पर आधारित यह पोस्ट आपको पसंद आई हो तो इसे शेयर करें। कमेंट सेक्शन में अपने विचार लिखें और पोस्ट को रेटिंग देना न भूलें।

डाइट से जुड़ी अन्य जानकारी के लिए हमारे हेल्थ सेक्शन को देखना न भूलें। इसके अलावा वेट गेन के अन्य उपायों को आप अपनाना चाहते हैं तो निरोग दर्पण के डाइट एंड फिटनेस सेक्शन को ज़रूर विज़िट करें।