सिज़ेरियन डिलीवरी के बाद ऐसे करें वेट लॉस

by | Sep 30, 2019 | Fitness, Health | 0 comments

फिटनेस के कुछ अलग-अलग पहलू होते हैं। कहने का मतलब ये है कि सभी के लिए सेहतमंद रहने के विशेष कारण होते हैं। किसी को अपना वज़न कम करना है क्योंकि बीमारियां बढ़ रही हैं। कोई ऐसे प्रोफेशन में है जिसके लिए उसका फिट होना ज़रूरी है। कोई सिर्फ अच्छे लुक के लिए स्लिम और फिट दिखना चाहता है। लेकिन देखा जाये तो सार एक ही मिलेगा। वो ये कि जीवन में खुशियां पाने के लिए हमे सेहतमंद होना है। अब देखिये कुछ महिलाएं सिज़ेरियन डिलीवरी के बाद बहुत वेट पुट ऑन कर लेती हैं। लेकिन बच्चे की देखभाल और स्वयं के अच्छे स्वास्थ्य के लिए उनका सेहतमंद होना ज़रूरी है। वेट लॉस के लिए एक सही वर्कआउट रूटीन को फॉलो करना बहुत ज़रूरी है। इसके अलावा रेग्युलर ब्रैस्टफीडिंग से भी महिलाओं को काफी लाभ होता है। पोस्ट प्रेग्नेंसी बैलेंस्ड डाइट को अपनाकर भी वज़न कम किया जा सकता है। आइये इस बारे में आपको और जानकारी दी जाये।

सिज़ेरियन डिलीवरी में होती है अधिक असुविधा

जी हां ये बात बिलकुल सही है। वैसे तो आजकल सिज़ेरियन डिलीवरी ज़्यादा कॉमन हो गई है। लेकिन एक समय था जब महिलाएं इसके नाम से भी घबराती थीं। हालांकि नॉर्मल डिलीवरी की तुलना में सिज़ेरियन डिलीवरी में थोड़ी असुविधा तो होती ही है। लेकिन जैसा हमने कहा कि तकनीक के द्वारा अब सब-कुछ आसान हो गया है। लेकिन फिर भी जो प्राकृतिक है उसकी तुलना करना तो संभव ही नहीं।

ज़्यादा आराम करने की ज़रूरत होती है सिज़ेरियन डिलीवरी में

नॉर्मल डिलीवरी होने के बाद महिला 10 से 12 दिन में रूटीन लाइफ जीने लगती है। लेकिन सिज़ेरियन डिलीवरी के बाद ऐसा नहीं होता है। इस दौरान आपको अधिक आराम की ज़रूरत होती है। साथ ही आपको कुछ सावधानियां भी रखना पड़ती हैं। क्योंकि सिज़ेरियन डिलीवरी में सर्जरी के द्वारा बच्चे को बाहर निकाला जाता है। इसलिए ज़रूरी है कि आप डॉक्टर की सलाह पर गौर करें।

पोस्ट प्रेग्नेंसी ज़रूरत होती है वेट लॉस की

ऑपरेशन के बाद आपको अधिक आराम करना पड़ता है। क्योंकि शरीर में काफी कमज़ोरी आ जाती है। फिर जैसे घर की बुज़ुर्ग महिलाएं भी प्रसूता को काफी खिलाती-पिलाती हैं। उसे किसी तरह का काम नहीं करने दिया जाता है। ऐसे हालात में महिला बहुत वेट पुट ऑन कर लेती है। लेकिन कुछ समय बाद बच्चे की देखभाल के लिए उसे जतन करना ही पड़ता है। इस स्थिति में वेट लॉस की बहुत अधिक ज़रूरत महसूस होती है। लेकिन फिर वेट लॉस में आपको बहुत अधिक मेहनत करना पड़ती है। लेकिन आप कुछ ख़ास चीज़ों पर ध्यान देंगी तो वेट लॉस ज़्यादा आसान होगा।

ब्रैस्टफीडिंग भी होती है मददगार

इस बात पर हमेशा ज़ोर दिया जाता है कि ब्रैस्टफीडिंग मां और बच्चे के लिए ज़रूरी होती है। आपको हैरानी होगी कि ब्रैस्टफीडिंग की सहायता से पोस्ट प्रेग्नेंसी बढ़े हुए वेट को भी कम किया जा सकता है। जी हां ब्रैस्टफीडिंग करवाते समय महिला का मेटाबोलिक स्तर बढ़ा रहता है। इससे वज़न कम करने में काफी सहायता मिलती है। यही नहीं इससे महिला को होने वाला तनाव भी काफी कम हो जाता है। इससे उसे काफी स्वास्थ्य लाभ होता है।

बैलेंस्ड डाइट भी है बहुत ज़रूरी

प्रसव के कुछ समय बाद तो महिलाएं साधारण भोजन ही करती हैं। लेकिन उसके बाद वही ढर्रा चलने लगता है जो गर्भावस्था के पहले था। इससे बैलेंस्ड डाइट की कमी के कारण उसका वज़न तेज़ी से बढ़ता है। यदि आप पोस्ट प्रेग्नेंसी भी बैलेंस्ड डाइट को अपनाएंगे तो आपको बहुत लाभ होगा। इससे आपको बच्चे को ब्रैस्टफीडिंग करवाते समय भी काफी लाभ होगा। क्योंकि बच्चे को स्तनपान करवाते समय मां को अधिक एनर्जी की ज़रूरत होती है।

वर्कआउट रूटीन को बाउंस न करें

सिज़ेरियन डिलीवरी के एकदम बाद से तो नहीं लेकिन 2-3 महीने बाद से आप लाइट एक्सरसाइज़ शुरू कर सकती हैं। इसके लिए आप किसी एक्सपर्ट की सलाह भी ले सकती हैं। वो आपको कैसी एक्सरसाइज़ करना चाहिए इस बारे में बेहतर जानकारी दे सकते हैं।

तो इन तरीकों को अपनाकर आप भी फिर से बन सकती हैं फिट। पोस्ट डिलीवरी फिटनेस पर आधारित ये पोस्ट आपको पसंद आई हो तो इसे शेयर करें। कमेंट सेक्शन में अपने विचार लिखें और पोस्ट को रेटिंग देना न भूलें।

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