स्वास्थ्य से जोड़िये कॅरियर, बन जाइये फिटनेस ट्रेनर

by | Sep 27, 2019 | Career and Profession, Lifestyle | 0 comments

बेहतर करियर एंड प्रोफेशन के लिए आजकल युवाओं में होड़ लगी हुई है। अपनी सेहत के प्रति सतर्कता आज सब लोगों अनिवार्य प्राथमिकता बन गई है। व्यस्त दिनचर्या, प्रतिस्पर्धा, और बढ़ते तनाव के बीच खुद को स्वस्थ और संतुलित रखना किसी चुनौती से कम नहीं। इसी चाहत ने युवाओं के लिए फिटनेस ट्रेनर के रूप में करियर की नई संभावनाओं के द्वार खोल दिए हैं। आज जिम ट्रेनर, पर्सनल-ट्रेनर, योगा-टीचर बनकर अच्छी कमाई के साथ एक स्वस्थ समाज का निर्माण कर रहे हैं। आइए इस अंक जाने फिटनेस इंडस्ट्री में कॅरियर की अपार संभावनाओं को।

फिटनेस ट्रेनर का काम

फिटनेस ट्रेनर अमूमन फिजिकल एजुकेशन के अंतगर्त आने वाले प्रोफेशनल्स के लिए एक समग्र उपाधि है। हालांकि स्पेशलाईज़ेशन के अनुसार इनकी और खासियतें भी जुड़ती जाती हैं। आमतौर पर इनका काम फिटनेस, न्यूट्रीशन, वेट मैनेजमेंट, स्ट्रैड-रिड्यूशन, बॉडी-शेपिंग आदि विषयों पर ध्यान देना होता है।

भारतीय संस्कृति में जो सात सुखों की कल्पना की गई है। उसमें सबसे पहली प्राथमिकता जिसे एक सूत्र में कहा गया है वो है ‘पहला सुख निरोगी काया’। सचमुच सुख की प्रथम अनुभूति में देह को नकारा नहीं जा सकता। एक स्वस्थ शरीर में ही एक स्वस्थ मन की परिकल्पना की गई। स्वस्थ-सुन्दर और सुगठित शरीर आज हर किसी की अनिवार्यता बन गई है। इसी अनिवार्यता को संभव बनाने के लिए फिटनेस इंडस्ट्री में रोज़गार के नए विकल्प खोल दिए हैं।

वर्तमान समय में फिट रहना हर किसी के लिए ज़रुरी हो गया है। जिम में युवाओं के साथ बच्चे, महिलाएं तथा बुज़ुर्ग भी एक्सरसाइज़ के लिए जाने लगे हैं। ‘फिटनेस-ट्रेनर’ इन्हें ज़रूरत के अनुरूप सही मार्गदर्शन देने की अहम भूमिका निभा रहे हैं।

योग्यता जो फिटनेस-ट्रेनर के लिए ज़रूरी है

फिटनेस ट्रेनिंग से संबंधित कोर्स के लिए 12 वीं पास होना ज़रुरी है। आपने स्कूल या कॉलेज में विषय विशेषज्ञता एजुकेशन/ट्रेनिंग सम्बंधित सब्जेक्ट में डिप्लोमा या डिग्री की हो तो और अच्छा है। आप चाहें तो विदेश में भी जाकर इस कोर्स का अध्ययन कर सकते हैं। ऐसा करने पर देश में आपको रोज़गार की बेहतर संभावना के साथ अच्छी कमाई के स्त्रोत भी प्राप्त होंगे। इसलिए कहा जाता है कि फिटनेस ट्रेनर के रूप में आप अनेक संभावनाओं को तलाश कर सकते हैं।

संस्थान

भारत में पुणे स्थित सिम्बायोसिस इंस्टिट्यूट ऑफ हेल्थ साइंस फिटनेस ट्रेनर के प्रशिक्षण के लिए उपयुक्त है। मुंबई की गोल्डस जिम यूनिवसिर्टी से फिटनेस मैनेजमेंट में डिप्लोमा कोर्स किया जा सकता है। ग्रेज्युएट या पोस्ट ग्रेज्युएट युवा जो शारीरिक रूप से फिट हैं उनके लिए यह असीम संभावनाओं वाला करियर है। इसके बाद किसी भी कॅरियर का चुनाव कर सकते हैं। डायटीशियन, स्पोटर्स कोच, फिटनेस ट्रेनर, थेरेपिस्ट आदि। 

आप चाहें तो उदयपुर में पैसिफिक जिम ट्रेनिंग एंड मैनेजमेंट कॉलेज से संबंधित कोर्स कर सकते हैं। इसमें सरकार की ओर से स्टूडेंट्स को स्कॉलरशिप भी दी जाती है। उल्लेखनीय है कि सर्टिफिकेट और डिप्लोमा के लिए अभ्यर्थी का 12 वीं पास होना ज़रुरी है। पीजी डिप्लोमा के लिए अभ्यर्थी का ग्रेजुएट होना ज़रुरी है। ये कोर्सेज़ करके आप जिम ट्रेनर जिम-इंस्ट्रक्टर, पर्सनल ट्रेनर, जिम मैनेजर और योगा टीचर बन सकते हैं। मुख्य रूप से हर छोटे-बड़े जिम के इन पदों की अच्छी मांग रहती हैं।

जिम ट्रेनर भी है एक सुनहरा करियर

फिटनेस इंडस्ट्री के प्रथम कार्यकारी अधिकारी हैं ‘जिम-ट्रेनर’, जो जिम आने वाले हर व्यक्ति को गाइड करते हैं। जिज्ञासु को उनकी ज़रूरत अनुसार खान-पान (डाईट), और व्यायाम (एक्सरसाइज़) आदि बताते हैं। साथ ही जिम ट्रेनर अपनी देख-रेख में एक साथ कई लोगों को एक्सरसाइज करवाते हैं। जिम ट्रेनर की शुरुआत धीमी हो सकती है, लेकिन आगे बह्दने की काफी संभावनाएं हैं।

पर्सनल ट्रेनर के रूप में भी दे सकते हैं अपनी सेवायें

पर्सनल ट्रेनर एक बार में एक ही व्यक्ति को ट्रेनिंग देते हैं। व्यक्ति को डाइट चार्ट के साथ ही खान-पान, वज़न, वर्क-स्टाइल, और लाइफस्टाइल के अनुरूप आवश्यक एक्सरसाइज़ एवं डाइटिंग करवाते हैं।

स्पेशल ट्रेनर भी होते हैं ख़ास

इस क्षेत्र में फिटनेस एक्सपर्ट किसी खास एरिया में एक्सपर्ट होते हैं। जैसे मसल्स, लिगामेंट या बोन्स आदि। ये आम एक्सरसाइज़ के अलावा ज़रूरत के अनुसार खास मसल-ट्रेनिंग एक्सरसाइज़, बॉडी टेक्निक्स या मार्शल आर्ट्स का प्रयोग करते हैं। जैसे पिलाटे, ताईची, कलरीपायट्टू, मुय-थाई, कुंग-फू, विंग चुन आदि।

योगा टीचर की भी बहुत डिमांड है

आजकल योगा टीचर की मांग भी बहुत अधिक बढ़ती जा रही है। इसे जुड़े कोर्सेस में भी युवाओं की दिलचस्पी बढ़ती जा रही है। योगा टीचर के रूप में आप भी एक अच्छा भविष्य तलाश सकते हैं।

12 वीं और ग्रेजुएशन किए युवा कम समय में खुद का जिम शुरू कर व्यवसाय भी कर सकते हैं। हालांकि इसके लिए तकनीकी ज्ञान होना ज़रुरी है। जिम तभी सफल होते हैं जब वहां के इंस्ट्रक्टर और ट्रेनर को जिम में एनाटॉमी, न्यूट्रीशियन, बायोमेकेनिक्स, डायटीशियन, स्पोर्ट्स, मेडिसिन और संबंधी एक्सरसाइज़ का अच्छा ज्ञान होता है।

फिटनेस करियर पर आधरित ये पोस्ट आपको पसंद आई हो तो इसे शेयर करें। कमेंट सेक्शन में अपने विचार लिखें और पोस्ट को रेटिंग देना न भूलें।

करियर एंड प्रोफेशन से जुड़ी अन्य जानकारी के लिए हमारे लाइफस्टाइल सेक्शन को भी ज़रूर देखें। इसी तरह की जानकारी के लिए निरोग दर्पण के डाइट एंड फिटनेस सेक्शन को भी ज़रूर विज़िट करें।