इस उम्र से शुरुआत करें म्यूच्यूअल फंड्स इन्वेस्टमेंट की

by | Jul 27, 2019 | Finance, Lifestyle | 0 comments

लाइफस्टाइल में तब स्ट्रेस आना शुरू हो जाता है जब आप अपनी फाइनेंस ग्रोथ बढ़ाना चाहते हैं। इसके लिए ज़रूरी है कि आप कुछ निवेश किया जाये। ऐसे में म्यूच्यूअल फंड्स के लिए आप किसी फाइनेंशियल एडवाइज़र की सलाह भी ले सकते हैं। खैर यह भी सोचने में आता है कि किस उम्र से इन्वेस्टिंग प्लान की शुरुआत की जायेॽ आपको शायद कन्फ्यूज़न हो सकता है कि पैसा इक्विटी में डालें या बैलेंस्ड फंड मेंॽ जो भी हो यदि आपकी उम्र कम है तो आपको लॉन्ग टर्म गोल्स बनाना चाहिए। क्योंकि 25-40 साल आप जोखिम उठा सकते हैं। इसके बाद की उम्र तो आपके लिए निश्चिंतता वाली होना चाहिए। साथ ही आपको स्टॉक मार्केट में भी निवेश करना चाहिए। याद रखिये जितनी कम उम्र से आप इन्वेस्टमेंट करना शुरू करेंगे उतना अच्छा होगा। आइये आपको इस बारे में और जानकारी देते हैं।

क्या है म्यूच्यूअल फंड्सॽ

आपको बता दें कि म्यूच्यूअल फंड्स एक तरह का सामाजिक निवेश होता है। इसमें इन्वेस्टर्स के ग्रुप मिलकर स्टॉक मार्केट या अल्प प्रतिभूतियों में इन्वेस्टमेंट्स करते हैं। म्यूच्यूअल फंड्स पैसा कमाने का सबसे आसान तरीका है। लेकिन ज़रूरी है कि आपको इसके बारे में सही जानकारी हो। शुरू में आप इसमें थोड़ा-थोड़ा पैसा इन्वेस्ट कीजिये लेकिन ध्यान रखिये कि जोखिम भी लेना ज़रूरी है।

आपकी सैलरी के मुताबिक हों म्यूच्यूअल फंड्स इन्वेस्टमेंट

मान लीजिये कि आपने अपने जॉब की शुरूआत की है तो आपकी सैलरी भी कम होगी। तो ज़रूरी है कि म्यूच्यूअल फंड्स इन्वेस्टमेंट भी उसी के अनुसार हों। देखिये थोड़ा जोखिम तो आप उठा ही सकते हैं। लेकिन इतना ज़्यादा नहीं कि वह आप पर ही भारी पड़ जाये। इसके लिए आप किसी फाइनेंशियल एडवाइज़र की सलाह लेंगी तो ज़्यादा अच्छा होगा। क्योंकि उन्हें बाज़ार के अलावा भी अन्य बातों का अच्छा ज्ञान होता है।

सोच-समझकर चुनें इन्वेस्टमेंट आइडियाज़ को

कम उम्र के लोगों में बहुत ज़्यादा उतावलापन होता है। इसलिए वह हर बात को बहुत ज़्यादा महत्व नहीं देते हैं। इसके अलावा उनके एक्स्पेंसेस भी क्षमता से अधिक होते हैं। इसलिए सही समय पर अच्छे इन्वेस्टमेंट आइडियाज़ को चुन लिया जाना चाहिए। इस बारे में आपको सोच-समझकर निर्णय लेना चाहिए। जल्दबाज़ी में नुकसान होने की संभावना रहती है।

लॉन्ग टर्म गोल्स बनायें

हमने आपको पहले भी बताया है कि आप 25-40 साल के हैं तो आपको लॉन्ग टर्म गोल्स बनाना चाहिए। हां ये ज़रूर है कि लॉन्ग टर्म गोल्स में रिस्क ज़्यादा होता है। ये बात म्यूच्यूअल फंड्स इन्वेस्टमेंट के साथ भी लागू होती है। लेकिन आपकी उम्र ऐसी है कि आप यह जोखिम ले सकते हैं। यदि आप शॉर्ट टर्म गोल्स में लगे रहेंगे तो आपकी ग्रोथ रुक जायेगी। 25-35 साल के बीच तो आपको लॉन्ग टर्म गोल्स लेना ही चाहिए। इससे भविष्य में आपको ज़्यादा मुनाफा होने की संभावना रहती है।

फाइनेंशियल एडवाइज़र से मदद लेने में संकोच न करें

देखिये हर व्यक्ति को तो म्यूच्यूअल फंड्स निवेश के बारे में इतनी जानकारी नहीं होती है। ऐसे में ज़रूरी है कि आप फाइनेंशियल एडवाइज़र की सलाह लें। क्योंकि फाइनेंशियल एडवाइज़र आपको हर बात की सही और सटीक जानकारी देते हैं। वो आपको आपकी सैलरी के मुताबिक सही म्यूच्यूअल फंड्स इन्वेस्टमेंट आइडियाज़ देंगे। इससे आपको अपना पैसा लगाने में किसी तरह का डर भी नहीं रहेगा। तो आप भी फाइनेंशियल एडवाइज़र की सलाह ज़रूर लें।

स्टॉक मार्केट पर भी ध्यान दें

नई-नई नौकरी में लोगों को अपने एक्स्पेंसेस को मैनेज करना नहीं आता है। हालांकि सबके साथ ऐसा नहीं होता लेकिन फिर भी जानकारी का तो अभाव रहता है। अगर आप अपने एक्स्पेंसेस को अच्छे से नियंत्रित नहीं करेंगे तो इन्वेस्टमेंट कैसे करेंगेॽ साथ ही अगर आपको स्टॉक मार्केट में पैसा लगाना है तो पैसा बचाना ज़रूरी है। एक बात का ध्यान और रखिये कि स्टॉक मार्केट में निवेश तभी करें जब आपको इसका ज्ञान हो। वर्ना बहुत-से लोगों का पैसा इसमें डूबता भी है।

क्या इक्विटी में पैसा लगाना है सुरक्षितॽ

जब आपको और कुछ न सूझ रहा हो तो आप इक्विटी में पैसा इन्वेस्ट कर सकते हैं। यह इन्वेस्टमेंट आइडियाज में सबसे अच्छा माना जा सकता है। कम उम्र के लोगों को तो इक्विटी में 60% के लगभग इन्वेस्ट करना चाहिए। इसे एक लॉन्ग टर्म इन्वेस्टमेंट माना जा सकता है और इससे आपकी कैपिटल ग्रोथ अच्छी होती है। लेकिन इसमें जोखिम का भार भी ज़्यादा ही होता है। वही 35-50 साल के लोगों को 40% हिस्सा इक्विटी में लगाना चाहिए। लेकिन जैसे आपकी उम्र बढ़ती जाती है इस परसेंट को कम कर देना चाहिए। बढ़ती उम्र के लोगों को म्यूच्यूअल फंड्स में सतर्क होकर इन्वेस्टमेंट करना चाहिए। क्योंकि इस उम्र में जोखिम उठाना ठीक नहीं।

बैलेंस्ड फंड में भी करें निवेश

अगर बात बैलेंस्ड फंड की हो तो भी आप अपनी उम्र के अनुसार इन्वेस्टमेंट कर सकते हैं। 25-35 साल के लोगों को 25% राशि बैलेंस्ड फंड के लिए रखना चाहिए। जबकि 35 से 50 साल के लोगों को 30% हिस्सा बैलेंस्ड फंड में रखना चाहिए। इसके अलावा फाइनेंशियल एडवाइज़र आपको जैसी सलाह दे उसे अमल करें। लेकिन म्यूच्यूअल फंड्स में इन्वेस्ट करने के बारे में आपको ज़्यादा सोचने की ज़रूरत नहीं। बस आपको बाज़ार का ध्यान हर समय रखना होगा।

तो आप भी सही उम्र से इन्वेस्टमेंट आइडियाज़ को अपनाना शुरू कर दीजिये। निवेश पर आधारित यह पोस्ट आपको पसंद आई हो तो इसे शेयर करें। कमेंट सेक्शन में अपने विचार लिखें और पोस्ट को रेटिंग देना न भूलें।

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