कहीं आपके बच्चे के रोने का कारण डायपर रैश तो नहीं!

by | Nov 27, 2019 | Love & Life, Parenting | 0 comments

पेरेंटिंग अपने आप में एक खूबसूरत अनुभव है। लेकिन हां, इसके साथ आपकी एक बहुत बड़ी ज़िम्मेदारी भी जुड़ जाती है। बच्चे की परवरिश अच्छे से करना हर माता-पिता का दायित्व होता है। जन्म से लेकर बच्चे के बड़े होने तक उसकी हर छोटी-बड़ी ज़रूरत का ध्यान रखना पड़ता है। उसकी अच्छे से देखभाल करनी पड़ती है, तभी जाकर आप अच्छे पेरेंट्स साबित होते हैं। देखने में आता है कि पहले की तुलना में आजकल सुविधाएं बहुत बढ़ गई हैं। लेकिन उन सुविधाओं के कुछ न कुछ नुकसान भी होते ही हैं। अब देखिये ना डायपर रैश के कारण बच्चे कितने परेशान होते रहते हैं। देखा जाये तो डायपर सुविधा के लिए बनाई गई एक चीज़ है। नहीं तो पहले तो बच्चों के लिए कॉटन नैपी का इस्तेमाल ही होता था। लेकिन आपको ये भी बता दें कि डायपर बच्चों को परेशानी में भी डाल देते हैं। डायपर रैश को दूर करने के लिए आप विनेगर के अलावा ओटमील का उपयोग भी कर सकते हैं। यही नहीं पेट्रोलियम जेली से भी बच्चों के रेशेज़ दूर किये जा सकते हैं। आइये इस के इस्तेमाल से सम्बंधित कुछ और बातों की भी जानें।

गीलेपन से भी हो सकते हैं डायपर रैश

आपको बता दें कि डायपर रैश होने का कोई एक कारण नहीं होता है। बहुत-से कारण हैं जो डायपर रैश के लिए ज़िम्मेदार होते हैं। जैसे गीलेपन का बना रहना। इससे त्वचा में बार-बार घर्षण होता है। बच्चों की त्वचा वैसे भी बहुत नाज़ुक होती है, इसलिए इन्हें जल्दी से डायपर रैश हो जाते हैं। इस बात का ध्यान रखें कि अधिक समय तक गीलापन न बना रहे।

डायपर रैश होने पर थोड़े समय डायपर का इस्तेमाल बंद कर दें

अगर आपके बच्चे को डायपर रैश हो गये हैं तो आप डायपर को कुछ समय उसे न पहनाएं। उसकी जगह कॉटन की नैपी पहनाएं। अगर रैशेज़ बहुत बढ़ गये हैं तो आप कुछ समय के लिए उस जगह को खुला रहने दें। इस तरह से डायपर रैश जल्दी से ठीक हो जाते हैं। अगर आप इस बात की अनदेखी करते हैं तो बच्चे की समस्या बढ़ भी सकती है।

डायपर रैश को ठीक करने के लिए ओटमील का प्रयोग करें

जी हां आप ओटमील के उपयोग से भी डायपर रैश ठीक कर सकते हैं। इसके लिए बच्चे को नहलाते समय पानी में ओटमील डाल दें। ओटमील से डायपर रैश में काफी आराम मिलता है।

ठीक से सुखायें डायपर एरिया को

एक बात का ध्यान और रखें कि बच्चे की स्किन बहुत नाज़ुक होती है। आपकी थोड़ी-सी गलती भी उसे बड़ी समस्या दे सकती है। इसलिए उसे कभी गीली नैपी न पहनाएं। न ही डायपर एरिया के गीले होने पर उसे ढकें। इससे डायपर रैश होने की संभावना भी बढ़ जाती है। अच्छे से सूख जाने पर ही उसे आप डायपर या फिर नैपी पहनाएं।

विनेगर से साफ़ करें बच्चे की नैपी

बच्चे को आप कॉटन नैपी पहनाती हैं तो ये अच्छी बात है। लेकिन कई बार कॉटन नैपी की वजह से भी रैशेज़ हो सकते हैं। इसलिए नैपी धोते समय भी आपको सावधानी रखना चाहिए। इसके लिए आप विनेगर को यूज़ करके देखिये। इससे बच्चे की त्वचा सुरक्षित रहती है। विनेगर नैपी में कीटाणुओं को भी नहीं पनपने देता और उसे अच्छे साफ़ भी कर देता है। विनेगर की जगह साबुन का इस्तेमाल बच्चे को नुकसान पहुंचा सकता है।

लाभ पहुंचाती है डायपर रैश पर पेट्रोलियम जेली

ये तो आप जानते ही हैं कि पेट्रोलियम जेली आपकी त्वचा के लिए कितनी अच्छी होती है। आप भी बच्चों के रैशेज़ पर पेट्रोलियम जेली का प्रयोग कर सकते हैं। पेट्रोलियम जेली की मदद से बेबी रैश को ठीक करने में आसानी होती है। अक्सर देखा जाता है कि रैशेज़ के कारण बच्चे बहुत ज़्यादा परेशान हो जाते हैं। जलन और दर्द होने पर वो सिर्फ रोते रहते हैं। लेकिन कई बार पेरेंट्स उनकी तकलीफ को समझ ही नहीं पाते हैं। इसलिए आप ध्यान रखें कि बच्चे को डायपर रैश न हों।

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