पेरेंट्स के लिए क्यों मुश्किल होती है ट्विन्स की परवरिश?

by | Feb 11, 2020 | Love & Life, Parenting | 0 comments

पेरेंटिंग एक मुश्किल टास्क है, ये बात तो आप जानते ही होंगे। लेकिन इसके साथ और भी पॉइंट्स जुड़े होते हैं। लेकिन वो हर किसी को समझ में नहीं आते हैं। उन्हें वही समझ सकता है जो खुद उनका सामना करता है। अब आप उन ट्विन्स की बात ही ली लीजिये इनकी परवरिश में पेरेंट्स को पसीने आ जाते हैं। उनके न्यूट्रीशन से लेकर हर एक बात तक परेशानियां रहती हैं। फिर कई बार ट्विन्स के कम्पेरीज़न को लेकर भी दुविधा बढ़ती जाती है। बच्चों के बीच आप न तो ठीक से फर्क कर पाते हैं ना उनके भिन्न व्यक्तित्व को समझ पाते हैं। इससे आपको एक उलझन महसूस होने लगती है। इसलिए आप बस कुछ बातों का ध्यान रखें और निश्चिंत होकर अपने बच्चों की देखभाल करें।

ट्विन्स की होती हैं अलग-अलग आदतें

आपको बता दें कि हर ट्विन्स अपने आप में अलग होते हैं। इसलिए उनके बिहेवियर पैटर्न को समझना भी बहुत ज़रूरी होता है। अब अगर हर ट्विन्स को आप एक तरह से ही ट्रीट करेंगे तो परेशानी आयेगी ही। ये भी सही है कि एक बच्चे को संभालना ही इतना मुश्किल है तो फिर ट्विन्स की देखभाल कितनी मुश्किल होती होगी? लेकिन थोड़ी-सी समझदारी और धैर्य से आप आप ट्विन्स की देखभाल आसानी से कर सकते हैं।

एक लिस्ट बना लें ट्विन्स के कामों की

आपको बता दें कि अगर आप ट्विन्स के कामों की एक लिस्ट बना लेंगे तो आपको आसानी होगी। इसमें आपको ये मेंशन करना होगा कि किस बच्चे को किस समय क्या देना है? कब नहलाना है, क्या खिलाना है इत्यादि। ऐसा करके आप बिना किसी टेंशन के ट्विन्स की केयर आसानी से कर सकते हैं।

पेरेंट्स में एक समझ का विकसित होना ज़रूरी है

जब ट्विन्स बच्चों की परवरिश की बात आती है तो पेरेंट्स के अंदर कुछ बातों का होना ज़रूरी है। हां माना कि ट्विन्स की परवरिश थोड़ी मुश्किल है लेकिन आपकी समझदारी से सब ठीक हो जाता है। अगर पेरेंट्स परेशान होकर ये टास्क निभाएंगे तो कभी सफल नहीं हो सकते हैं। लेकिन हां अगर धैर्य और सूझ के साथ बच्चों को संभालेंगे तो कोई समस्या नहीं आएगी। ट्विन्स के पेरेंट्स अक्सर एक समय बाद थोड़ा घबरा जाते हैं। उन्हें लगता है कि वो एक बहुत मुश्किल टास्क निभा रहे हैं। इसलिए आप एक-दूसरे का साथ निभाते हुए अपने बच्चों की केयर करें।

बच्चों के न्यूट्रीशन को लेकर अक्सर होती है गफलत

जी हां ये अक्सर ट्विन्स बच्चों के साथ देखने में आता है। एक बच्चे को तो पूरा न्यूट्रीशन मिलता है जबकि दूसरा कमज़ोर होने लगता है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि पेरेंट्स न्यूट्रीशन के लिए एक चार्ट फ़ॉलो नहीं करते हैं। जिस बच्चे ने पहले ही खाना खा लिया है उसी की दोबारा खाना खिला देना। इसलिए ट्विन्स के न्यूट्रीशन को लेकर पहले ही डॉक्टर से सलाह कर लें। वैसे भी ट्विन्स को मां का दूध पर्याप्त नहीं मिल पाता है। इसलिए अन्य तरीके से उन्हें उचित पोषण देना सही होता है।

कम्पेरीज़न करना ठीक नहीं

यदि आप ट्विन्स के बीच में कम्पेरीज़न करते हैं तो ये परेशानी की बात हो सकती है। हर बच्चा अलग होता है, उसकी विशेषताएं अलग होती हैं। इसलिए कम्पेरीज़न करना ठीक नहीं होता है। हो सकता है ट्विन्स में से एक गोरा हो और एक थोड़ा सांवला हो। ऐसे में पेरेंट्स की ओर से किया कम्पेरीज़न मुश्किल खड़ी कर सकता है। यही बात उनके बड़े होने पर भी लागू होती है। इसलिए आप इस बारे में विशेष सावधानी रखें और अच्छे से अपने दोनों बच्चों की परवरिश करें। इसके लिए आप उन पेरेंट्स से भी सलाह ले सकते हैं जिनके पहले से ट्विन्स हैं। इससे आपको कुछ नई बातों का पता भी चल जायेगा।

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